Makar Sakranti essay in Hindi , मकर सक्रांति पर निबंध

About Makar Sakranti in Hindi – सौर पंचाग के आधार पर मनाया जाने वाला पर्व मकर संक्रांति पूरे भारत में बड़ी ही धूम -धाम से मनाया जाता है। इस दिन सूर्य का उतरायण काल शुरू होता है जिस कारण दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। सूरज जब अपनी परिक्रमा में धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है तो इसे मकर संक्रांति कहा जाता है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य परिक्रमा करते हुए थोडा उतर की दिशा तरफ ढल जाता है इसीलिए इसे उतरायण कहते हैं। हिन्दू धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है।

Makar Sakranti

इस दिन उतर भारत के लोग नदियों में स्नान करते हैं और सूर्य को अर्घ्य देते हैं। मकर संक्रांति के दिन लोग अपने घर खिचड़ी, खीर आदि स्वादिष्ट पकवान बनाते हैं, इस दिन दाल ,चावल , तिल और फ़ल आदि दान करने से पुन्य प्राप्त होता है और यह भी मान्यता है के इस दिन दान करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं।

मकर संक्रांति (Makar Sakranti) पर तिलों का विशेष महत्व होता है, तिलों के पानी से नहाने से माना जाता है के इससे कई प्रकार की बीमारियाँ दूर हो जाती हैं इसके इलावा तिल के लड्डू बनाकर खाए जाते हैं।

मकर संक्रांति पर पतंगे उड़ाने की परंपरा है हालांकि इसके पीछे कोई धार्मिक कारण नहीं है किन्तु इस दिन लोग समय निकालकर आसमान में खूब पतंगे उड़ाते हैं , पूरा आसमान रंग बिरंगी पतंगों से भर जाता है।

हर साल 14 जनवरी को मकर संक्रांति (Makar Sakranti) को पूरे देशभर में मनाया जाता है। मकर संक्रांति का सीधा सबंध पृथ्वी के भूगोल और सूर्य की स्थिति से है जब सूर्य मकर रेखा पर होता है तब मकर संक्रांति का दिन होता है। यह पर्व भारत में अलग अलग जगहों पर अलग अलग ढंगों से मनाया जाता है जैसे क

गुजरात में यह पर्व शुभ दिन के रूप में बनाया जाता है जिस कारण यहां नीला आकाश रंग बिरंगी पतंगों से भर जाता है।

राजस्थान में महिलाएं अपनी सास को बायला देकर उनका आशीर्वाद लेती हैं।

महाराष्ट्र में महिलाएं अपनी विवाह की पहली संक्रांति पर तेल , कपास व नमक आदि दूसरी सुहागन महिलाओं को दान में देती हैं। इस दिन लोग एक दुसरे को गुड़ और तिल आदि देकर बोलते हैं ‘तिल गुड़ ध्या आणि गोड गोड बोला’ अर्थात गुड़ और तिल लो और मीठा मीठा बोलो।

कर्नाटक में इसे फसलों की कटाई की ख़ुशी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग एक दुसरे को काजू , बादाम , भुने तिल और नारियल आदि भेंट करते हैं ता जो उनके बीच आपसी भाईचारा बना रहे।

पंजाब में इसे लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है इस दिन लोग अपने अपने घरों में स्वादिष्ट पकवान बनाते हैं और शाम के समय आग के अलाव के चारों और बैठकर मूंगफली , रेवड़ी , गचक आदि खाते हैं और भंगड़ा आदि करते हैं।

असम में इस दिन को ‘माघ बिहू’ या फिर ‘भोगली बिहू’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन कई जगह मेले भी लगते हैं।

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