Saturday, June 16, 2018

खिलौना कार पर कविता Poem on Car in Hindi



Poem on Car in Hindi


Poem on Car in Hindi

बालजीवन एक लाया कार
जिस को लगे पहिये चार
चलती है ये साथ रिमोट
कभी कभी हो जाती आउट

रंग है कार का गहरा लाल
मस्त बड़ी है इसकी चाल
पड़ते इसमें दो सेल्ल
टिंग टिंग करके बजती है बेल्ल

कार देखने जीवन आया
राजू को भी साथ है लाया
तीनों दोस्त हो गए इक्क्ठे
करने लगे थे हाँसे ठठे

बचपन के हैं रंग न्यारे
चोहले को लगते हैं प्यारे। - रमेश बग्गा चोहला

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